बिहार के नवगठित शहरी निकायों में जल्द आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मियों की तैनाती की जाएगी। नए निकायों में फिलहाल कुल 952 कर्मियों की तैनाती एक साल के लिए होगी। राज्य सरकार जल्द से जल्द इन निकायों में शहरी सुविधाओं के विकास के साथ ही केंद्र और राज्य की योजनाएं शुरू करना चाहती है। इन कर्मियों को निकाय स्तरीय समिति द्वारा ही चयनित किया जाएगा। इनकी सेवा शर्तों को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग नियमावली को अंतिम रूप दे रहा है। जल्द इसे संबंधित निकायों को भेज दिया जाएगा।
राज्य में कुछ माह पूर्व 117 नए शहरी निकायों का गठन किया गया है। इसमें 109 नगर पंचायत और 08 नगर परिषद शामिल हैं। इन निकायों में काम शुरू करने के लिए तत्काल कर्मियों की जरूरत है। नए निकायों के लिए पदों का सृजन तो हो चुका है लेकिन बहाली होने में अभी कम से कम एक साल का समय लगेगा। ऐसे में इन निकायों में एक वर्ष के लिए आउटसोर्सिंग से विभिन्न पदों पर कर्मियों को रखने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल इन निकायों में आईटी ब्वाय, कंप्यूटर ऑपरेटर, टैक्स कलेक्टर, एकाउंटेंट व सफाई निरीक्षक रखे जाएंगे। नगर परिषद में इन कर्मियों की कुल संख्या 10 और नगर पंचायत में 08 होगी।
वित्त आयोग का पैसा दिलाने की होगी पहल
नवगठित निकायों के साथ ही कई निकायों का क्षेत्र विस्तार और कइयों को उत्क्रमित भी किया गया है। ऐसे सभी शहरी निकायों को छठे राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के क्रम में उनको राशि आवंटित करने के लिए नगर विकास विभाग जल्द वित्त विभाग को पत्र भेजेगा। नवगठित नगर निकायों में पदों के सृजन एवं सृजित पदों के विरुद्ध बहाली के लिए जल्द अधियाचना नियुक्ति प्राधिकार को भेजे जाने की कार्रवाई भी विभाग स्तर से की जाएगी।













































