हमारे देश पुलिस का काम समाज में अमन स्थापित करने का होता है। समाज में पुलिस को रक्षक की निगाहो से देखा जाता है लेकिन अगर वही रक्षक भक्षक बन जाए तो इसका अंजाम हम सोच भी नहीं सकते हैं। ऐसी ही एक घटना बिहार के कटिहार से सामने आ रही है जहां एक एससी-एसटी थानाध्यक्ष को नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में भीड़ ने जमकर पीटा। थाना प्रभारी का नाम कृत्यानंद पासवान बताया जा रहा है। पूरा आरोप यह है की कृत्यानंद पासवान ने बुद्धू चौक के पास एक नाबालिग के साथ अश्लील हरकत की है। किसी तरह उसके चंन्गुल से छूटकर नाबालिग अपने माता पिता के पास पहुंची और घटना की जानकारी दी। आरोप है की जब बच्ची की माँ ने इस हरकत का विरोध जताया को थाना प्रभारी उसे गन्दी गन्दी गालियां देने लगा।
इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और पहले थाना प्रभारी को बंधक बना लिया। बाद में जब ताना प्रभारी कृत्यानंद पासवान को छुड़ाने के लिए सहायक थाना पुलिस पहुंची तो गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया और जमकर विरोध करने लगे। स्थानीय पुलिस किसी तरह से एससी-एसटी थाना प्रभारी को लोगों के चंगुल से मुक्त कराकर बाहर लाई। इस घटना से आक्रोशित लोग आरोपित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का आक्रोश देखते हुए एसपी ने मामले को संज्ञान में लिया और आरोपित थाना प्रबाहृ को ससपेंड कर दिया।
नाबालिग बच्ची की मां ने थाना प्रभारी कृत्यानंद पासवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बच्ची नानी के पास से अकेले घर आ रही थी। उसी दौरान शराब पीकर कुछ लोग घूम रहे थे और उसमें थाना प्रभारी भी शामिल थे। इस दौरान उन्होंने बच्ची को रोककर उसका नाम पूछा। इसके बाद थाना प्रभारी ने बच्ची से पूछा कि असगर को जानती हो तो उसने कहा कि हां फिर थाना प्रभारी ने पूछा कि वो क्या लगते हैं तुम्हारे तो बच्ची ने कहा कि मामा।














































