अगर आपको कभी सैदपुर नाला, बाकरगंज नाला, कुर्जी नाला हो कर गुजरना पड़े तो आप घर से ही भगवान को याद कर लेते होंगे कि ” हे भगवान इन रास्तों पर जाम न मिले।” क्योंकि इन रास्तों से गुज़रना किसी पथरीले पहाड़ पर नंगे पाँव चलने बराबर है। और तबाही तो तब मच जाती है जब आपको बारिश के दिनों में इन रास्तों से गुजरना पड़े। क्योंकि उस वक़्त नाले और सड़क में कोई फर्क नहीं दिखता। लेकिन अब देर से ही सही सरकार की नज़र जनता के इस पीड़ा पर गई है। जी हाँ, आने वाले दिनों में पटनावासियों को नाले की दम घुटा देने वाली जहरीली बदबू से निजात मिलने वाला है। क्योंकि अब पटना के नालों पर सड़क बना कर पटना वासियों को बदबू के साथ साथ जाम से भी निजात मिलने वाला है।
बिहार की राजधानी पटना में नालों पर सड़क बनाने का प्रस्ताव तक़रीबन 5 साल पहले ही तैयार किया गया था। लेकिन बाकि सरकारी कामों की तरह इसे भी कुछ सालों के लिए फाइलों में धूल खाने को छोड़ दिया था। लेकिन अब बदलते बिहार में सरकारी काम प्राइवेट कामों से भी ज्यादा तेज हो रहे हैं। शुरू में जिले के 9 नालों को रोड में तब्दील करना था। जिसमें से 2 नालों के काम अपने अंतिम चरण में हैं। इसमें जिले का मंदिरी नाला और बाकरगंज नाला शामिल है। और इन दोनो जगहों पर त्योहारों के दिनों के अलावे भी काफी भीड़ रहती है। इसी को देखते हुए सरकार ने यह फैसल लिया है कि जिले के 9 नालों को ढक कर पटनावासियों को जाम और बदबू दोनों से निज़ात दिलाया जाये।
नालो पर सड़क बनने से लोगों को जाम से निजात तो मिलेगा ही साथ क्षेत्र की खुबसूरती भी बढ़ेगी। क्योंकि Smart City परियोजनाओं के तहत मंदिरी नाले को खूबसूरत लुक दिया जायेगा। SmartCity के ABD क्षेत्र यानी Area Based Development में अगले साल 2022 के सितंबर तक इसे तैयार कर लेना है। जिसके बन जाने से Income Tax गोलंबर से बांस घाट या अशोक राजपथ तक जाने में लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। मंदिरी नाले के ऊपर की यह सड़क जिले की पहली सड़क होगी जो पूरी तरह डबल ड्रेन के ऊपर बनेगी। इससे पहले आसियान से दीघा की ओर सिंगल ड्रेन सड़क बन चूका है।
जैसे आशियाना नाला के ढंकने से आशियाना-दीघा रोड को बड़ी राहत मिली है। पहले नाले के खुले होने से आशियाना से दीघा तक जाने वाली सड़क One-Way हुआ करती थी, जिससे आये दिन जाम लगा ही रहता था। लेकिन नाले के ऊपर सड़क बन जाने के बाद से दोनों लेन पर वाहनों का परिचालन शुरू हुआ है जिससे लोगों को जाम से निजात मिला। अब आपको बताते हैं जिले के वह कौन कौन से नाले हैं जिन्हें सरकार ढ़क सड़क बनाने वाली है।
पटना में बड़े नालों के ऊपर सड़क निर्माण करे के लिए जिले के 9 नालों को चिन्हित किया गया है उनसे अशोक राजपथ, बेली रोड और बोरिंग रोड को काफी हद तक जाम से मुक्ति मिलेगी। अभी अशोक राजपथ पर वाहनों का काफी दबाव है जिसके लिए सरकार डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का काम शुरू कर चुकी है। लेकिन अब इन नालों के ढक जाने से अशोक राजपथ पर वाहनों का दबाव कम होगा। इन नौ नालों में पहला है, सर्पेंटाइन नाला शामिल है जो पटेल गोलंबर से महालेखाकार भवन तक लंबाई जायेगा जिसकी लम्बाई 6039 मीटर है। इसपर सड़क बनने से दारोगा राय पथ, बेली रोड पर जाने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगा। दूसरा है, मंदिरी नाला जिसकी लम्बाई 1250 m और इस नाले के बन जाने से वीरचंद पटेल पथ, दारोगा राय पथ और बेली रोड जाने के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके बाद सूचि में आता है, आनंदपुरी नाला जो आपको ए एन कॉलेज से राजापुर पुल को जोड़ता है। जिसकी लंबाई है 3050 m । इसके बनने से बोरिंग रोड और बोरिंग कैनाल रोड पर वाहनों का दबाव काम होगा। सूचि में अगला नाला है बाकरगंज नाला जो उमा सिनेमा से अंटाघाट तक जाता है, जिसकी लंबाई 1430 m है। इस नाले के बनने से ठाकुरबाड़ी रोड, एग्जीबिशन रोड को जाम से निजात मिलेगा। अब अगला है योगीपुर नाला, जिसकी लम्बाई 4005 m है। जिसके बनने से कंकड़बाग, हनुमान नगर में लोग राहत की साँस लेंगे। सूचि में अब आता है सैदपुर नाला, जो मोइनुल हक स्टेडियम से गाय घाट को जोड़ता है। जिसकी लंबाई 5400 m है। इसके बनने से अशोक राजपथ पर वाहनों के हॉर्न काम सुनने को मिलेंगे। सूचि में आखिरी नाला है बाइपास नाला। जो मीठापुर बस स्टैंड से नंदलाल छपरा को जोड़ता है। जिसकी लंबाई 7350 m है।
Income Tax गोलंबर से बांस घाट तक प्रत्येक 200 मीटर में ड्रेन के अंदर लोहे की जाली लगेगी। जिससे आसानी से पानी का निकास हो सके। वहीं, प्रत्येक 50 मीटर पर एक एक मैनहोल होगा, जिससे ड्रेन की सफाई करने में कर्मियों को सहूलियत हो। इन परियोजनाओं को लेकर कर सरकार की जोर शुरू हो गयी है। इन नालों पर सड़क बनते ही पुरे शहर को जाम से निजात मिलेगा।














































