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दो सालों से पूरी दुनिया को तबाह करने वाला कोविड अब धीरे-धीरे भारत में कमज़ोर पड़ रहा है। जिस कारण सभी स्कूल, कॉलेज, ऑफिस और 2 सालों से बंद पड़े सिनेमा घर खोले जा रहे हैं। धीरे धीरे जिन जिन संस्थानों पर कोविड का कला साया पड़ा था वो सभी संस्थान अब पहले जैसे शुरू हो रहे हैं। इस कर्म में लगभग डेढ़ सालों से कोविड की वजह से भारतीय रेलवे के कई ट्रेनों पर स्पेशल का टैग लगा हुआ है। जिससे इन स्पेशल ट्रेनों का किराया भी पहले के मुताबिक अधिक है। लेकिन अब इन ट्रेनों के ऊपर से कोविड का कला साया हट रहा है।

इन सभी ट्रेनों से स्पेशल का टैग हट जाने से सभी यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। आपको बता दें कि राजधानी पटना के पटना जंक्शन से 230 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं,जो कि स्पेशल के नाम पर हैं। इन ट्रेनों में यात्रियों को अधिक किराया दे कर यात्रा करना पड़ रहा है। जिन लोगों को कोविड 19 से पहले पटना से नयी दिल्ली के लिए स्लीपर में यात्रा करने के लिए लगभग 450 रुपये किराया देना पड़ रहा था उन्हीं लोग्प्न को अब 520 रुपये दे कर यात्रा करना पड़ रहा है।

वैसे ही हर ट्रैन का अलग अलग किराया बढ़ाया गया है। साथ ही अनारक्षित (Unreserved) कोच में सफर करने पर भी यात्रियों को आरक्षित (Reserved) टिकट कटाना पड़ रहा है। जिस कारण यात्रियों को 25 से 35 रुपये अधिक भुगतान कर यात्रा करना पड़ रहा है। और अब रेलवे ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए ‘स्पेशल’ टैग हटाने और कोविड महामारी से पहले वाले किराये को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश जारी किया है।

12 नवम्बर को रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ट्रेनें अब अपने नियमित नंबर और किराये के साथ परिचालित की जायेंगी। जो ट्रेन जिस जिस श्रेणी की थी, वह फिर से उसी श्रेणी की हो जायेगी। बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) को इसके लिए सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने को कहा गया है।

इस सॉफ्टवेयर में बदलाव होते ही ट्रेनों के नंबर के आगे लगा शून्य हट जायेगा। और साथ ही बढ़ा हुआ किराया भी पहले जैसा हो जायेगा। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों में कोविड गाइडलाइन का पालन किया जायेगा। विशेष स्थितियों में दी गयी छूट के अलावा द्वितीय श्रेणी का संचालन आरक्षण के साथ ही होगा। मतलब जनरल डिब्बे में यात्रा करने के लिए आरक्षण टिकट लेना पड़ेगा। और अभी भी AC कोच में सफर के दौरान आपको चादर कंबल पर तकिया नहीं दिया जायेगा।