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कोरोना नहीं बल्कि नेपाल में इस वजह से बंद करना पड़ रहा है स्कूल

Nepal

नेपाल सरकार ने आदेश दिया है कि काठमांडू के सभी स्कूलों को शुक्रवार तक बंद रखा जाए। यह बंदी कोरोना की वजह से नहीं बल्कि पॉल्यूशन की वजह से हो रही है। राजधानी काठमांडू के आकाश को सोमवार को पूरी तरह से पॉल्यूटेट स्मॉग ने घेर लिया था। इससे लगता है कि काठमांडू पूरी तरह से मैली चादर से ढका हुआ है। पहली बार ऐसा है कि घने कोहरे की वजह से काठमांडू में स्कूलों को बंद किया जा रहा है। काठमांडू दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। पिछले सप्ताह काठमांडू में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से ऊपर पहुंच गया जो की खतरनाक स्तर को दर्शाता है।

घरों से बाहर न निकलने की सलाह: सरकार ने इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए फैसला किया है कि काठमांडू के सभी शैक्षणिक संस्थानों को शुक्रवार तक के लिए बंद कर दिया जाए। नेपाल मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के प्रवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि जहां तक हमें पता है कि काठमांडू में पहली बार प्रदूषण के कारण शैक्षणिक संस्थानों को बंद किया जा रहा है। सरकार ने लोगों से अपील की है वे अपने-अपने घरों से बाहर न निकले। सरकार ने यह भी अपील किया है कि लोग फिलहाल कंस्ट्रक्शन का काम रोक दें जिससे डस्ट पॉल्यूशन पर लगाम लगाई जा सके। इसके साथ ही आग लगाने को भी मना किया है। एक्सपर्ट का कहना है कि नेपाल के कई जंगलों में आग लगने के कारण धुएं की पतली चादर आकाश में बिछ गई है। यह चादर नेपाल के कई जिलों में फैलती जा रही है।

नेपाल में प्रदूषण की भयावह स्थिति: नेपाल में पिछले कुछ सालों में एयर पॉल्यूशन की स्थिति बेहद खराब हुई है। एक आंकड़े के अनुसार नेपाल में वायु प्रदूषण के चलते साल 2019 में 22 फीसदी नवजात बच्चों की जन्म के एक महीने के भीतर मौत हुई थी। इसके अलावा जंगल में आग लगने की वजह से काठमांडू घाटी में हवा की शुद्धता में खास गिरावट देखने को मिल है।

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