Home Politics बिहार में जातीय जनगणना को लेकर नए राजनीतिनिक समीकरण बनते दिख रहे।

बिहार में जातीय जनगणना को लेकर नए राजनीतिनिक समीकरण बनते दिख रहे।

jaatiya samikaran

बिहार में जातीय जनगणना को लेकर राजनीतिक समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं। इसी सिलसिले में अब नीतीश कुमार का नया दांव देखने को मिल रहा है।जातीय जनगणना पर बीजेपी से अलग राय रखने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब असल खेल की शुरुआत करने वाले हैं।

जेडीयू ने पिछले दिनों राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस बात के संकेत दे दिए थे कि जातीय जनगणना के मामले पर उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी। लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी के विरोधियों के साथ मंच साझा करने वाले हैं। यूपी चुनाव के ठीक पहले नीतीश कुमार, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ एक मंच पर नजर आएंगे। इसके साथ साथ ओम प्रकाश चौटाला भी मंच पर मौजूद रहेंगे।

दरअसल पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती के मौके पर 25 सितंबर को हरियाणा के जींद में ओम प्रकाश चौटाला एक बड़ा कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहे हैं।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ साथ अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा जैसे दिग्गज नेता शामिल होंगे। बीजेपी के विरोधी माने जाने वाले इन सभी नेताओं के साथ नीतीश कुमार मंच साझा करेंगे । इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय चौटाला के मुताबिक इस आयोजन में शामिल होने के लिए शरद पवार, ममता बनर्जी, फारूक अब्दुल्लाह और जयंत चौधरी को भी आमंत्रित किया गया है । हालांकि इनमें से कई नेताओं ने अपने आने की पुष्टि अब तक नहीं की है। लेकिन यह बात तय मानी जा रही है कि देवीलाल की जयंती के मौके पर तमाम नेताओं का जुटान होगा। 

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मुलायम सिंह यादव, एच डी देवगौड़ा और प्रकाश सिंह बादल ने अपनी सहमति दे दी है। इंडियन नेशनल लोकदल की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में ऐसे नेताओं को बुलाया जा रहा है जो गैर बीजेपी और गैर कांग्रेसी दलों के साथ-साथ समान विचारधारा रखते हों। एक मंच पर जब इन नेताओं का जमावड़ा होगा तो जाहिर है कि राजनीतिक बातें भी होंगी। ऐसे में बीजेपी के खिलाफ गोलबंदी और तीसरे मोर्चे की कोशिशों के बीच नीतीश भी रणनीति बनाते नजर आएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा की बीजेपी, नीतीश कुमार के इस नए कदम पर कैसे रिएक्ट करती है।

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