Home International कोरोना नहीं बल्कि इस बीमारी का इलाज है सबसे महंगा

कोरोना नहीं बल्कि इस बीमारी का इलाज है सबसे महंगा

Medicine

ब्रिटेन में एसएमए के मामले सबसे ज्यादा है। इस बीमारी से ज्यादातर बच्चे पीड़ित होते हैं, अगर समय पर इसका इलाज ना किया गया तो बाद में दिक्कत बढ़ने से मरीजों की मौत भी हो जाती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में इस बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज पाए जाते हैं, वहां हर साल पैदा होने वाले बच्चों में करीब 60 बच्चों में एसएमए बीमारी होती है।

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) ने एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी को ठीक करने के लिए दुनिया की सबसे महंगी दवा को मंजूरी दे दी। इसकी एक खुराक की कीमत 18 करोड़ रुपये है। एनएचएस इंग्लैंड ने सोमवार को एक बयान में कहा कि नोवार्टिस जीन थैरेपी द्वारा निर्मित को मंजूरी दे दी गई है। इसकी एक खुराक की कीमत 18 करोड़ रुपये (£1.79 मिलियन पॉड) है। बता दें कि जेनेटिक स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) नामक बीमारी से ग्रसित रोगियों इस दवा की जरूरत पड़ती है।

इसका इलाज दुनिया में सबसे महंगा माना जाता है। इस बीमारी में मरीजों को दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन लगाया जाता है। एसएमए बहुत ही दुर्लभ बीमारी है और यह शरीर में एसएमएन-1 जीन की कमी से होती है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के सीने की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।

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