मोदी सरकार का दसवां बजट आज पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने को देश का आम बजट पेश किया। आम लोगों को उम्मीद थी कि कोरोना महामारी और महंगाई के बीच कम से कम उन्हें टैक्स में कोई छूट जरूर मिलेगी। लेकिन इस बार वित्त मंत्री ने कोई छूट नहीं दी है। वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है और डायरेक्ट टैक्स के मामले में बड़े सुधार का एलान किया है। अब भारत में अपडेटेड टैक्स फॉर्म जारी किया गया है।
टैक्स पर बड़ी बातें
- इनकम टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी को सुधार करने के लिए 2 साल का समय मिलेगा।
- कोऑपरेटिव टैक्स पर सरचार्ज को 12 से घटाकर 7 फीसदी किया गया है। इन सहकारी संस्थाओं पर न्यूनतम कर को 18.5 से घटाकर 15 फीसदी किया गया है। दिव्यांग व्यक्ति के पैरेंट को 60 साल की उम्र तक एन्युटी मिल सकेगी।
- वर्चुअल डिजिटल ऐसेट से आमदनी पर 30 फीसदी का टैक्स लगेगा। इसका साफ मतलब है कि क्रिप्टोकरेंसी भी टैक्स के दायरे में आ जाएगी और क्रिप्टोकरेंसी से आय पर 30 फीसदी का टैक्स लगेगा।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस योगदान पर टैक्स कटौती की सीमा 18 से घटाकर 15 फीसदी की गई है। जीएसटी संग्रह जनवरी में 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा।
- कटे और पॉलिश हीरे व रत्नों पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 5% किया जाएगा।
- नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर रियायती 15 फीसदी आयकर लगेगा, 31 माार्च 2024 के पहले स्थापित नई यूनिटों पर ये सौगात मिलेगा।
- सरकार MSP पर खरीद के लिए 2.7 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा।
- विदेश से आने वाली मशीनरी सस्ती होगी और खेती के उपकरण भी सस्ते होंगे। कपड़े और चमड़े का सामान सस्ता होगा।










































