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Constitution Day: आजाद भारत के पन्नों में इस किताब ने किया भारत को एकजुट

भारत के इतिहास के पन्नों में 26 नवंबर का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। आज का दिन हमें एक आजाद देश के आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। दरअसल हर साल 26 नवंबर को “संविधान दिवस” यानी की Constitution Day के रूप में मनाया जाता है। यही वह दिन है जब देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। भारत का संविधान देश के हर नागरिक को आजाद भारत में रहने का समान अधिकार देता है। 200 सालों तक अंग्रेजी हुकूमत का कार्यकाल खत्म होने के बाद भारत को एक ऐसे कानून की जरूरत थी, जो देश में रहने वाले लोग, विभिन्न धर्मों के बीच एक समानता और एकता दिला सके। भारत को इस किताब की जरूरत इसलिए ताकि देश एकजुट हो और सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के सभी अधिकार मिले।

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इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें

➤2015 में, केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने डॉ. आंबेडकर के 125वें जयंती वर्ष के रूप में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने के केंद्र के फैसले को अधिसूचित किया।
➤भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसे बनने में 2 वर्ष, 11 माह 18 दिन लगे थे।
➤संविधान सभा, जो संविधान का मसौदा तैयार करने वाली संस्था थी, ने अपना पहला सत्र 9 दिसंबर, 1946 को आयोजित किया।
➤दस्तावेज़ का मसौदा तैयार करने में असेंबली को लगभग तीन साल लगे, जिसमें से अकेले मसौदे की सामग्री को अंतिम रूप देने में 114 दिन से अधिक का समय लगा।
➤संविधान सभा के प्रमुख सदस्य जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अंबेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि थे।
➤भारत का संविधान बनाने में डॉ. बी आर अंबेडकर की अहम भूमिका रही है। अम्बेडकर ने ड्राफ्टिंग कमिटी की अध्यक्षता की।
➤अमेरिकी इतिहासकार ग्रानविले सीवार्ड ऑस्टिन (Granville Seward Austin) ने अम्बेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान को ‘सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण एक सामाजिक दस्तावेज’ के रूप में वर्णित किया है।
➤1947 में अंबेडकर को संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था और उन्हें देश का नया संविधान लिखने की जिम्मेदारी दी गई थी।
➤भारत में औपचारिक रूप से 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया था लेकिन इसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया।
➤इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश के युवाओं के बीच में संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देना जागरूकता फैलाना है।
➤संविधान की असली कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा लिखी गई थी।
➤भारत के कई हिस्से यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान के संविधान से लिये गये हैं।
➤भारत के संविधान में प्रस्तावना (preamble) लिखी गई है जिसे भारतीय संविधान का परिचय पत्र कहा जाता है।
➤26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस (National Law Day) के रूप में भी जाना जाता है।

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