भारतीय रेलवे (Indian Railways) का पहला गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (Gati Shakti Cargo Terminal) पूर्वी रेलवे (Eastern Railway) के आसनसोल डिवीजन में चालू हुआ। भारतीय रेलवे के आसनसोल डिवीजन ने थापरनगर में मैथन पावर लिमिटेड की निजी साइडिंग को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। दिसंबर 2021 में GCT नीति के प्रकाशन के बाद से यह भारतीय रेलवे में इस तरह का पहला GCT है।
इस गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के चालू होने पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ, वी के त्रिपाठी (V K Tripathi) ने कहा कि “भारतीय रेलवे पीएम गति शक्ति के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। रेल द्वारा परिवहन अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है क्योंकि यह सबसे अधिक ऊर्जा कुशल और परिवहन का सबसे किफायती तरीका है। इस टर्मिनल और इस तरह के और भी टर्मिनलों के चालू होने से देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”
मैथन पॉवर प्रोजेक्ट वर्ष 2009 में शुरू की गई थी और बाद में वर्ष 2011 में बिजली उत्पादन शुरू किया गया था। अब तक बिजली परियोजना के लिए कोयले की आवश्यकता सड़क के माध्यम से की जा रही थी, जिसके प्रति माह 120 आवक कोयला रैक में परिवर्तित होने की उम्मीद है। साथ ही फ्लाई ऐश के 02 से 04 बाहरी रेकों को साइडिंग से हैंडल किए जाने का अनुमान है। इससे रेलवे की कमाई में हर महीने करीब 11 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी।










































