INS Vela

अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए भारत लगातार अपने जंगी बेड़े में इजाफा कर रहा है। हाल ही में भारतीय नौसेना को पहला स्‍वदेशी गाइडेड मिसाइल डिस्‍ट्रॉयर पोत ‘Project 15B’ आईएनएस विशाखापट्टनम (INS Visakhapatnam) सौंपा गया था, और अब इसी नौसेना के बेड़े में कलवरी क्लास की चौथी सबमरीन आईएनएस वेला (INS Vela) शामिल हो गयी है। इसे नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह (Karambir Singh) ने मुंबई में नेवल डॉकयार्ड में कमीशन किया।

INS Vela स्कॉर्पीन डिजाइन की छह पनडुब्बियों में से एक है, जो 221 फीट लंबी, 40 फीट ऊंची और 1565 टन वजनी है। इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा बनाया गया है। जब दुश्मन से निपटने की बात आती है तो INS Vela को उन्नत स्टील्थ और लड़ाकू क्षमताओं के लिए जाना जाता है। इसमें 35 नौसैनिक और 8 ऑफिसर रह सकते हैं।

देश की चौथी स्कॉर्पीन कटेगरी की पनडुब्बी INS Vela का दो साल से अधिक तक ट्रायल किए जाने के बाद आज बेड़े में शामिल किया गया। ये एक बार 1020 किमी की दूरी समुद्र के अंदर तय कर सकती है। इसमें हाई टेंसाइल स्ट्रेंथ है जो पानी के अंदर ज्यादा गहराई तक जाकर ऑपरेट करने में सक्षम है। INS Vela सबमरीन को साइलेंट किलर भी कहा जा सकता है।