Home National Non-Toxic Security Ink: इस उपाय से आम-आदमी आसानी से पता लगा लेगा...

Non-Toxic Security Ink: इस उपाय से आम-आदमी आसानी से पता लगा लेगा ये जालसाजी

ब्रांडेड सामान जैसे बैंक-नोट, प्रमाण पत्र, मुद्रा और अन्य महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स की जालसाजी पूरी दुनिया में बहुत आम है, और यह एक गंभीर मुद्दा भी बन गया है। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए भारतीय वैज्ञानिक ने एक उपाय ढूंढा है। दरअसल, भारतीय वैज्ञानिक ने नैनो-मैटेरियल्स से एक हाइली स्टेबल और नॉन-टॉक्सिक सिक्योरिटी इंक विकसित की है जो स्वचालित रूप से लाइट एमिट करती है।

https://twitter.com/PIB_India/status/1452940378378682374

जालसाजी का मुकाबला करने के लिए आमतौर पर ल्यूमिनसेंट स्याही का उपयोग गुप्त टैग के रूप में किया जाता है। आज उपलब्ध अधिकांश सिक्योरिटी इंक ल्यूमिनसेंट मैटेरियल्स पर आधारित हैं जो एक हाई एनर्जी फोटॉन को अब्सॉर्ब करती हैं और लो एनर्जी फोटॉन का एमिशन करती हैं। इसे तकनीकी रूप से डाउनशिफ्टिंग कहा जाता है, जहां गुप्त टैग दिन के उजाले में अदृश्य होता है, और यह यूवी प्रकाश के तहत दिखाई देता है।

इस डेवेलोप इंक में जालसाजी से निपटने की अपार संभावनाएं हैं। इससे एक आम आदमी आसानी से पता लगा सकता है कि दस्तावेज/उत्पाद असली है या नकली। मिश्रित स्याही का उपयोग काले कागज पर पैटर्न और अक्षरों को प्रिंट करने के लिए किया जाता था। विभिन्न वेवलेंथ के तहत इस इंक के पैटर्न विभिन्न कंडीशंस के खिलाफ स्टेबल पाए गए हैं।

Exit mobile version