देश की राजधानी दिल्ली इंडिया गेट से पहचानी जाती है और इंडिया की पहचान यहां शहीदों की याद में जल रही लौ अमर जवान ज्योति से होती थी। लेकिन इंडिया गेट (India Gate) पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti) का आज राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा।
1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद में अमर जवान ज्योति की स्थापना की गई थी। इस युद्ध में भारत की जीत हुई थी और बांग्लादेश का गठन हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को इसका उद्घाटन किया था। सेना के अधिकारियों ने बताया कि अमर जवान ज्योति का आज दोपहर 3:30 बजे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा, जोकि इंडिया गेट के दूसरी तरफ केवल 400 मीटर की दूरी पर स्थित है।
नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण केंद्र सरकार ने 2019 में किया था। इसे 1947 में देश की आजादी के बाद से अब तक शहादत दे चुके 26,466 भारतीय जवानों के सम्मान में निर्मित किया गया था। 25 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्मारक का उद्घाटन किया था।
बता दें कि 42 मीटर ऊंचे इंडिया गेट का निर्माण ब्रिटिश सरकार ने किया था। ब्रिटिश सरकार ने 1914-21 के बीच पहले विश्व युद्ध और तीसरे अफगान युद्ध में ब्रिटिश सेना की तरफ से शहीद होने वाले 84,000 भारतीय सैनिकों की याद में इसे बनाया था। इस पर उन सैनिकों के नाम भी खुदे हुए हैं।
![]()









































