भारतीय सेना हमारे देश की रक्षा की सबसे बड़ी प्रणाली के रूप में जानी जाती है। एक सुरक्षा कवच बनकर ये हमारे देश की सेवा करते है। आज सेना दिवस (Indian Army Day) के मौके पर जैसलमेर नगरी ने एक इतिहास रच दिया है। दरअसल, राजस्थान के जैसलमेर में सेना युद्ध संग्रहालय के पास पहाड़ी की चोटी पर खादी से बना दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा फहराया गया है।
225 फीट लंबे और 150 फीट चौड़े इस तिरंगे को खादी ग्रामोद्योग ने बनाया है। इसका वजन करीब एक हजार किलो है। इस झंडे को तैयार करने में 70 खादी कारीगरों को 49 दिन लगे। इस तिरंगे में अशोक चक्र का व्यास 30 फीट है। इस झंडे को लगाने के लिए कई मजदूर और जेसीबी मशीनें काम में जुटी थी। बताया जा रहा है कि झंडा लगभग 37,500 वर्ग फीट एरिया में फैला है।
यह तिरंगा लोंगेवाला (Longewala) में प्रदर्शित किया गया, जो 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक लड़ाई का केंद्र चरण था। जम्मू-कश्मीर और लेह के बाद जैसलमेर तीसरा स्थान होगा जहां दुनिया का सबसे बड़ा खादी का झंडा फहराया जा रहा है। यह तिरंगा, जो भारतीयता की सामूहिक भावना और खादी की विरासत शिल्पकला का प्रतीक है, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के लिए तैयार किया गया है।










































