krishna-janmashtami

पूरे साल भर कृष्ण भक्त जन्माष्टमी का इंतजार करते हैं कि वे अपने आराध्य अपने श्री कृष्ण के जन्म उत्सव को अच्छे से मना सके। और इस साल की जन्माष्टमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग मत चल रहे हैं। लेकिन अलग मत की कोई बात नहीं है। इस बार गृहस्थ और वैष्णव अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ ही जन्माष्टमी का त्योहार बनायेंगे यानि 19 अगस्त को ही कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।

आचार्य माधवानंद (माधव जी) ने कहा कि पहले गृहस्थ और साधु-संत अलग-अलग दिन जन्माष्टमी मनाते थे। लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्र कृष्ण पक्ष अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, लेकिन इस बार 19 अगस्त (शुक्रवार) को दो साल बाद जन्माष्टमी कृतिका नक्षत्र में मनाया जाएगा।

पंडित पीके युग के मुताबिक गृहस्थ सुख-सौभाग्य, पुत्र और वंशवृद्धि के लिए भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। रोहिणी नक्षत्र का संबंध जहां चंद्रमा से होता है, वहीं कृतिका नक्षत्र का संबंध सूर्य से होता है, जो शासन सत्ता से जुड़ा होता है।

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