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बिहार में बेटियां सशक्त तो हो ही रही हैं तो क्यों न अब बेटियों को आत्मनिर्भर के साथ साथ शक्तिशाली भी बनाया जाए। इसीलिए सरकार ने अब अपनी कवायद शुरू कर दी है। बिहार में बेटियों को हर मुकाबले को लड़ने के लिए तैयार करने के लिए राज्य की 5 लाख 34 हजार स्कूली बेटियों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके लिए प्रदेश के 1068 बालिका स्कूलों को चयनित किया गया है।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के अनुसार प्रदेशभर के 534 ब्लॉक के 2-2 स्कूल में कराटे का प्रशिक्षण दिया जायेगा। हर ब्लॉक में उन स्कूलों का चुना गया है, जहां पर सबसे अधिक छात्राओं का दाखिला हुआ है। और इन बेटियों का प्रशिक्षण छठ की छुट्टीयों के बाद शुरू कर दी जाएगी। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्कूली छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण उनके स्कूल में ही दिया जायेगा।

इन बच्चियों में 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को शामिल किया जाएगा। जिनका प्रशिक्षण दो महीनों तक चलेगा। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के अनुसार साल 2017 में भी स्कूली छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया गया था। चार साल के बाद फिर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा इन्हें प्रशिक्षिण दिया जायेगा।