cng demand rises
cng demand rises

देश भर में एक तरफ पेट्रोल डीज़ल के लगातार दाम बढ़ते जा रहे है वही दूसरी ओर इस से बेहाल होकर लोगो में सीएनजी की मांग भी बढ़ती जा रही है। अब आम जनता की औसत आजीविका संकट में आ गया है क्यूंकि कोरोना के बाद से देश भर के नागरिको को जहाँ तंगी का सामना करना पड़ रहा है, वही इस दौरान ईंधन के बढ़ते दाम लोगो के जेब से पहले के मुताबिक कई ज़्यादा पैसे खर्च करवा रहा है।

इंधन के कीमतो में हो रहे वृद्धि के साथ कई अनेक कारको ने भी लोगो को मजबूर किया है। प्रदुषण भी एक बड़ा कारण है लोगो को सीएनजी को और मुख करने का। अब लोगो की दिलचस्पी CNG गाड़ियों में भी ज़्यादा देखने को मिल रही है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज भी अब CNG की सुविधा वाली गढ़िया बना रहे। अब इससे गणनात्मक निर्णय लेने और परिवहन के सस्ते साधन चुनने के लिए लोग मजबूर हो चुके है। इतना ही नहीं बल्कि यह भी देखने को मिल रहा की लोग अपने पुराने वाहनों में अब सीएनजी किट लगवा रहे है।

हाल ही में केरल के निकाले एक रिपोर्ट के मुताबिक यह पता चला कि इस साल CNG वाहनों का पंजीकरण दर काफ़ी हद्द तक बढ़ा है। जहाँ पिछले साल के पंजीकरण का दर 89% था वही इस साल केवल सात महीनो में बढ़ कर 301% हो गया है। जहाँ पेट्रोल और डीजल के दाम 100 के पार जा चुके हैं वही सीएनजी की कीमत देश भर में 50 – 60 के बिच में है।

बिहार में फिलहाल 8 CNG स्टेशन है और पिछले दिनों यह खबर आई थी 5 और सीएनजी स्टेशन बन कर जून के महीने तक तैयार हो जाएगी। पेट्रोल और डीजल के पिछले 1 महीने में कीमत इतनी बढ़ गयी है की 8 सीएनजी स्टेशन भी लोगो के लिए कम पढ़ रहे है। ख़बर के अनुसार पटना के 5 प्रमुख जगहों पर स्टेशन बनाने की बात तय हुई थी जिसमे; राजेंद्रनगर, फुलवारी सरीफ, पटना सिटी, मसौढ़ी और बेउर बाईपास शामिल थे। मगर अब जुलाई का महीना भी ख़तम होने को है और CNG स्टेशन को लेकर आगे की कोई जानकारी नहीं मिली है। वहीँ मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने पिछले दिनों 250 CNG बसों का भी उट्घाटन किया। अब बिहार में लोग प्रदुषण को नज़रअंदाज़ ना करते हुए सीएनजी के प्रति जागरूक हो रहे है।