सिपाहियों और अधिकारियों को अब अपनी नौकरी बचाने के लिए अपना परफॉर्मेंस दिखाना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो गृह विभाग अब उन्हें जबरन VRS पर भेज देगी. विभाग ने इसके लिए विभागीय समिति बना दी है. समिति साल में दिसंबर और जून में बैठक कर अक्षम, बीमार और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले को बाहर का रास्ता दिखा देंगी. कैरेक्टर भी अच्छा रखना होगा.
बिहार के पुलिसकर्मियों और सिपाहियों को फिट और हिट रहना होगा नहीं तो उन्हें 50 साल की उम्र में हीं नौकरी से छाता और छड़ी थमा दी जाएगी. कर्मियों को अब जबरन रिटायरमेंट मिलेगा. 50 साल के सिपाही और अधिकारी को जबरन रिटायरमेंट के लिए कमिटी बना दी गई है. गृह विभाग की समिति में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमिटी बनाई गई है. नीतीश सरकार (Nitish Kumar) का गृह विभाग 50 वर्ष से अधिक उम्र के सरकारी पुलिसकर्मियों की कार्य दक्षता की समीक्षा करेगा. इसके लिए दो समितियों का गठन किया गया है. एक समिति ग्रुप क वालों के लिए तो दूसरी नीचे वालों के लिए बनाई गई है. कमिटी हर साल जून और दिसंबर महीने में विभाग में आये कर्मियों की सूची पर VRS पर मुहर लगाएगी, जिसमें 50 साल पार गए कर्मियों की कार्य दक्षता के अनुसार आगे कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. जरूरत होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जाएगी. गृह विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है.
अपर मुख्य सचिव व सचिव की अध्यक्षता में दो समितियों का गठन किया गया है. समूह ‘क’ के कार्यकलापों की समीक्षा के लिए गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इसमें सचिव, विशेष सचिव और विभागीय मुख्य निगरानी पदाधिकारी सदस्य होंगे. दूसरी तरफ, समूह ‘ख’, ‘ग’ और अवर्गीकृत सरकारी सेवकों के कार्यकलापों की समीक्षा के लिए गृह विभाग के सचिव की अध्यक्षता में कमिटी बनाई गई है. तीन सदस्यीय इस कमेटी में संयुक्त सचिव सह मुख्य निगरानी पदाधिकारी और अवर सचिव सदस्य होंगे.














































