पंचायत चुनाव 2021 की तैयारी के लिए चुनाव आयोग की ओर से लगातार नए-नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत अब जिले में मतदान के अगले दिन ही मतों की गिनती शुरू करने का निर्देश दिया गया है। यही नहीं चुनाव के दौरान गायब रहने वाले चुनाव अधिकारी और कर्मचारी पर पंचायती राज अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की भी चेतावनी दी है।
समस्तीपुरस जिले में दस चरणों में मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्ति के अगले दिन या दूसरे दिन मतगणना की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। मतगणना इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से होगी। कंट्रोल यूनिट में अभ्यर्थियों से संबंधित डाटा जिस प्रकार प्रदर्शित रहेगा। उसी प्रकार एक सारणी बनाकर सभी डाटा की हार्डकॉपी तैयार की जाएगी। उस कॉपी पर सभी उपस्थित अभ्यर्थी उसके निर्वाचन अभिकर्ता और आरओ का हस्ताक्षर लिया जाएगा। जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अभिरक्षा में इसे एक लिफाफे में रखा जाएगा। यही नहीं मतदान दल के किसी भी सदस्य को बिना अनुमति के गायब रहने पर आयोग ने उनके विरुद्ध तत्काल निलंबन की अनुशंसा करते हुए बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। यानी बिना बताए अगर मतदान दल के कर्मी गायब होते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज की जाएगी। इसको लेकर भी जिला स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है।
20 अगस्त तक पूरी हो जाएगी एफएलसी
जिले में पंचायत चुनाव को लेकर मंगवाये गये ईवीएम के फस्ट लेवल जांच 20 अगस्त तक पूरा करने को कहा गया है। जिला प्रशासन की ओर से इस कार्य को शुरू भी कर दिया गया है। विशेष निगरानी में इस कार्य को किया जा रहा है। संबंधित ईवीएम निर्माता कंपनियों के इंजीनियर चुनाव आयोग के दिशा निर्देश पर जांच कर रहे है।
346 पंचायतों में 6 पदों के लिए चुनाव
346 पंचायतों में 6 पदों के लिए चुनाव होगा। जिसमें जिला परिषद सदस्य, मुखिया, समिति, पंच, सरपंच व वार्ड सदस्य शामिल हैं। बताया जाता है कि 51 जिप सदस्य, 346 मुखिया, 4689 पंच व सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। समिति व सरपंच के पद घटेंगे। इस बार जिला में नगर निकाय बनने से 35 पंचायत नगर निकायों में हुए शामिल हो चुके हैं। जिससे वहां पंचायत चुनाव नहीं होगा।
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