बिहार की राजधानी पटना में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राष्ट्रीय परिषद की हुई। जिस बैठक में यह साफ किया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए देशभर में विपक्षी दलों को एक साथ लाया जायेगा। जिसको एकजुट नीतीश कुमार करेंगे। जिसको लेकर जमीन तैयार शुरूकर दी गयी है।
इसी को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं से मिलने के लिए उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अधिकृत किया, जिस पर राष्ट्रीय परिषद ने रविवार को मुहर लगा दी। मालूम हो कि विभिन्न दलों के नेताओं से बात करने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को दिल्ली जाएंगे।
जदयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी दी कि, जदयू मानता है कि बिना कांग्रेस और वामदल के भाजपा से मजबूत लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती है। इसलिए विपक्षी पार्टियों को मतभेद मिटाकर एक साथ आना होगा। यह भी कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव चाहते हैं कि भाजपा के खिलाफ जो गठबंधन बने, उसमें कांग्रेस को शामिल नहीं किया जाए।
साथ ही केसी त्यागी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने एक घंटे के संबोधन में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एनडीए से अलग होने के कारणों को विस्तार से बताया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा सोची-समझी साजिश के तहत लोजपा को साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग किया।










































