बिहार में लगभग 2 दशक बाद प्रदेश विश्विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में थर्ड केटेगरी के कर्मचरियों की बहाली की उम्मीद जग गई है। बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को रिक्तियों का ब्यौरा सरकार को विश्विद्यालयों एवं महाविद्यालयों द्वारा देने वाला पोर्टल लांच किया। इस दौरान उन्होंने एफिलिएटेड कॉलेजों और सम्बद्धता प्राप्त कॉलेजों को अनुदान की स्वीकृति के लिए दो पोर्टल अलग से लांच किए। पोर्टल की लॉन्चिंग के मौके पर परंपरागत विश्विद्यालयों के वाईस चांसलर भी जुड़े थे।
राज्य में साल 2000 की अनुकम्पा बहाली को छोड़ दे तो तब से अब तक तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की बहाली नहीं हुई है। ऐसे में आधे से ज़्यादा पद रिक्त हैं और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार और शिक्षा सचिव असंगबा चुबा आओ ने भी पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया को आरंभ करने की बात कही थी। पोर्टल के लांच के बाद मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ रेखा कुमारी के नेतृत्व में विश्विद्यालयों के रजिस्ट्रारों की एक कार्यशाला भी हुई। कॉलेज रिक्ति कब तक ऑनलाइन दर्ज करेंगे और विश्विद्यालय कब तक उसे अग्रसित करेंगे इसकी तारिख अभी तय नहीं हुई है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा की, काफी समय से विश्विद्यालयों और परंपरागत कॉलेजों में तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की बहाली नहीं हुई है। ऐसे में अब विश्विद्यालय अपने यहां रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे। हर महीने के अंत तक पोर्टल के माध्यम से शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की रिक्तियां अपडेट होंगी। रिक्त पदों के रोस्टर आरक्षण क्लीयरेंस के आने के बाद से ही नियुक्ति की प्रक्रिया आरम्भ हो जाएगी। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्तियां अब विश्विद्यालय नहीं कर पाएंगे। इसके लिए एक्ट में संशोधन किया गया है। नियुक्तियां सीधे आयोग के द्वारा की जाएंगी।














































