इन दिनों बिहार में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने वालों के लिस्ट में सबसे आगे सफेद कुर्ताधारियों का ही नाम आ रहा है। हाल ही में समाप्त हुए त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में जीतने वाले नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शराब ना पीने की शपथ दिलाई गई थी। लेकिन इनमें से कुछ मानना शायद ये है कि शपथ तो दिखावे के लिए लिया जाता है। हम थोड़े ही मानने वाले हैं।
ताजा मामला कटिहार के आजमनगर प्रखंड के प्राणपुर थाना क्षेत्र का है। जहां देर रात गश्ती के दौरान पुलिस ने आजमनगर प्रखंड के जोकर पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया तनवीर आलम को नशे की हालत में धुत गिरफ्तार किया है। इन्होनें 28 दिसंबर को ही मुखिया पद का शपथ लिया था।
तनवीर अहमद अपने काले रंग की लग्जरी कार में सवार होकर कटिहार से अपना गांव आ रहे थे। प्राणपुर थाना क्षेत्र खुशहालपुर चर्च के समीप उनकी गाड़ी अचानक लड़खड़ाने लगी। इस बात की सूचना स्थानीय लोगों ने प्राणपुर पुलिस को दी। प्राणपुर पुलिस ने तुरंत गाड़ी का पीछा किया और फिर उन्हें पकड़ा। इस दौरान जब लग्जरी गाड़ी में सवार व्यक्ति से उसकी पहचान पूछा गया। उसने अपना नाम मुखिया तनवीर अहमद बताया।
जब पुलिस ने और पूछताछ की तो पता चला कि शराबी वही तनवीर अहमद है, जिसने हाल ही में आजमनगर प्रखंड के जोकर पंचायत से मुखिया पद पर जीत हासिल की थी। सत्यापन के बाद प्राणपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार झा ने मुखिया तनवीर अहमद को गिरफ्तार कर थाने ले आई है। वहीं, उनके वाहन को जब्त कर लिया गया है।
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