बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को नितीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में कुल 21 बिन्दुओ पर मुहर लगाईं गई। कोरोना की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए राज्य शिक्षा विभाग ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र में सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों वाले छात्रों को तमाम सरकारी योजनाओ का लाभ लेने के लिए अटेंडेंस अनिवार्यता में एक दफा फिर ढील दी गई है। बता दें की साइकिल, स्कूल ड्रेस और स्कॉलशिप की राशि पाने के लिए स्कूलों में 75% अटेंडेंस ज़रूरी है।
बात करें प्राइमरी स्कूलों की तो इन स्कूलों में 8386 शारीरिक शिक्षकों और स्वास्थ्य अनुदेशकों की बहाली का फैसला लिया गया है। बहाली की प्रक्रिया जल्द आरम्भ होगी। यह भर्तियां सामान्य तरीके से नगर निकाय और पंचायत के माध्यम से की जाएंगी। चयनित शिक्षकों को 8000 मासिक वेतन दिया जाएगा।
ज़िक्र करें सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों का तो सरकार ने उनके जुलाई और अगस्त में बढे हुए महंगाई भत्ते का एकमुश्त भुगतान करने का फैसला किया है। सरकार द्वारा अक्टूबर में जोड़कर डीए की बकाया राशि देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाईं गई है।
हालांकि बताया पैसा वेतन के साथ वापस आएगा या नहीं इसको लेकर संशय बरक़रार है। जानना ज़रूरी है की महंगाई भत्ता लागु करनेसे बिहार सरकार पर 2256.25 करोड़ तक का अतिरिक्त खर्च आएगा। बैठक में और भी अन्य बिन्दुओ पर मुहर लगाईं गई जैसे लोहिया स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण को मंज़ूरी दी गई है और पूर्णिया में इथेनॉल प्लांट बनाने को लेकर मंज़ूरी दी गई है। इसके लिए उक्त एजेंसी का भी चयन कर लिया गया है।














































