इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, पटना (ISM, Patna) में आज, 12 मार्च को मार्केटिंग कॉन्क्लेव 2022 का आयोजन हुआ। यहां प्रख्यात शिक्षाविद, व्याख्याता, कॉर्पोरेट क्षेत्र से जुड़े पेशेवर तथा विपणन प्रवंधन के शोधार्थियों एवं छात्रों ने ‘भारतीय परिप्रेक्ष्य में हरित विपणन’ पर अपने विचार साझा किए।
मार्केटिंग कॉन्क्लेव 2022 में आये अतिथियों ने मानव सभ्यता पर वर्त्तमान पर्यावरणीय खतरों की चर्चा की। साथ ही मानव जीवन के सामाजिक एवं पर्यावरण की स्थिरता के प्रति कॉर्पोरेट क्षेत्र की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने हरित विपणन अवधारणा (green marketing concept) को अपनाने में आने वाली समस्याओं को रेखांकित किया और भारतीय उपभोक्ताओं और संगठनात्मक खरीदारों को भविष्य में पारिस्थितिक रूप से अधिक जागरूक बनाने के उपायों का सुझाव दिया।
पर्यावरण क्षरण को रोकने के लिए देश में कई पर्यावरण कानून लागू किए गए हैं। प्रदूषण की लगातार बढ़ती समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों की तेजी से कमी से निपटने के लिए सरकारी और गैर-सरकारी दोनों संगठनों ने हरित अभियान शुरू किया है।” इस आयोजन के उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम के मॉडरेटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, श्री अरिंदम रॉय, कॉन्क्लेव के मुख्य विषय से परिचित कराते हुए कहा कि हमारे इस सुंदर ग्रह ‘पृथ्वी’ की स्थिरता को बनाए रखने के लिए, उत्तर आधुनिक उत्पादकों, विपणन रणनीतिकारों और ग्राहकों को हरित जागरूक उपभोक्तावाद की ओर उन्मुख होने की आवश्यकता है।
इस तकनीकी सत्र का संचालन कार्यक्रम की समन्वयक, श्रीमती सौम्या शुक्ला ने किया। श्री अरिंदम रॉय द्वारा प्रस्तावित धन्यवाद प्रस्ताव के साथ इस अंतर्दृष्टिपूर्ण, सूचनात्मक और संभावना युक्त सम्मेलन को समाप्त घोषित किया गया।











































