बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को नितीश कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई अहम फैसले सहित कुल 18 प्रस्ताव पारित किए गए। बिहार में अब पटना नगर निगम क्षेत्र, फुलवारी शरीफ और खगौल में फिलहाल डीजल ऑटो 31 मार्च 2021 तक चल सकेंगे। बिहार सरकार ने अपने पिछले फैसले की मियाद को बढ़ाते हुए ये फैसला किया। दूसरा अहम फैसला यह है की अब बिहार सरकार ने गंगा में मूर्ति विसर्जित करने की नियमावली जारी की है। नई नियमावली के मुताबिक अब गंगा नदी में मूर्तियां विसर्जित नहीं की जाए सकेंगी।
राज्य में अब ऑटो में सीएनजी किट लगाने पर विभाग अनुदान देगा। बीते वर्ष लॉकडाउन और कोरोना के कारण डीज़ल ऑटो को सीएनजी में बदलने की प्रक्रिया सुचारु रूप से नहीं हो पाई। इस कारण डीजल आटो के परिचालन पर रोक के लिए 30 सितंबर की नई तारीख तय की गई थी। आज मंत्रिमंडल ने इस विस्तारित करते हुए 31 मार्च, 2022 तक डीजल आटो पर रोक लगाने पर रोक लगा दी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन चार क्षेत्रों को मिलाकर 25 से 26 हजार डीजल आटो है इनमें से 20 हजार सीएनजी या इलेक्ट्रानिक में बदले जा चुके हैं।
बैठक में लिए गए अन्य फैसले-
प्रारंभिक शिक्षकों के लिए एमएसीपी योजना लागू करने का प्रस्ताव मंजूर, गंगा जल उद्वय योजना के लिए 366.35 करोड़ रुपये मंजूर, अररिया जिला में पुलिस केंद्र निर्माण के लिए 59.52 करोड़ मंजूर, पुलिस अकादमी राजगीर में एक साथ चार हजार सिपाही प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए 154.60 लाख रुपये स्वीकृत, बिहार संवाद समिति के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए 37 पद सृजन की मंजूरी पूर्ववर्ती राज्य विद्युत बोर्ड के पदाधिकारियों-कर्मचारियों के वार्षिक भुगतान के लिए 757.63 करोड़ रुपये मंजूर














































