बिहार में एक तरफ कोरोना के दर घट रहे है वहीं दूसरी ओर घूमने फिरने और सैर करने के स्थान भी खुल गए हैं। इसी बिच बिहार में फिलहाल यात्रा के लिए भी मौसम बेहद अनुकूल हो चला है। ऐसे में अगर आप सैर-सपाटा करने के फिराक में है तो यह समय आपके लिए बिलकुल सही है। क्यूंकि राज्य सरकार ने भी बिहार में घूमने-फिरने के कुछ नए ठिकाने खोल दिए।
बिहार राज्य पर्यटन विखास निगम (Bihar State Tourism Development Corporation) ने एक टूर पैकेज बनाया है। जिसके अंतरगत विभाग द्वारा मिली सुविधा का उपयोग कर पर्यटक विभिन्न पर्यटन स्थलों का भरपूर आनंद ले सकते हैं। इतना ही नहीं बल्कि नेपाल और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर के समीप वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पर्यटन क्षेत्र का भी दायरा सरकार बढाने जा रही है। बता दें कि वर्तमान काल में बिहार पर्यटन विभाग द्वारा इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ही यह योजना बनाई है। जिस तरह से बिहार सरकार वाल्मीकिनगर को पर्यटन के क्षेत्र तब्दील करने में जुटी है और इसके लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इससे यह कहा जा सकता है कि सरकार भविष्य में पर्यटकों की संख्या को और बढ़ाने की जी तोड़ कोशिश कर रही है।
अगर खास तौर से बात करे पर्यटक स्थलों की तो, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटक, जंगल और उसके आसपास बसे थारुओं के गांव में रहने का आनंद ले सकतें है। जहां पर्यटकों को विलुप्त प्राय श्रेणी के थारु जनजातियों की संस्कृति वह उनके खान-पान को समझने और जानने का मौका मिल सकेगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र से आए पर्यटक भी गांव के बीच झोपड़ी में रहने का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही आपको बता दें कि निगम द्वारा पर्यटकों को सिर्फ 600 रुपए में ही सभी जगह सैर करवाने की व्यवस्था की गई है। जिसके अंतर्गत राजगीर, नालंदा और पावापुरी की सैर कराई जाएगी।














































