हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने राज्य के अगुवाई वाली प्रतिनिधिमंडल के मांग पर जातीय जनगणना लो लेकर प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी। जिसके बाद से जाति जनगणना की बढ़ती मांग को देखते हुए भी सत्ताधारी बीजेपी सरकार व पीएम मोदी अब तक चुप्पी साधी हुई है। इसी बिच सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि केंद्र 2021 की जनगणना में अनुसूचित जाति और जनजाति के अलावा किसी भी जाति से संबंधित सूचनाएं इकट्ठा करने के पक्ष में नहीं है।
ऐसे में देश के बाकि राज्य की सरकार में हड़कंप मच गया है। चाहे वह समाजवादी पार्टी हो, राष्ट्रीय जनता दल हो,या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी। सभी की मांग है कि बीजेपी ओबीसी की सही तादाद बताए और उसके बाद आरक्षण की 50 फ़ीसदी की सीमा को बढ़ाए। मगर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद से बिहार की सियासत गरम हो गई है। इसके लिए राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने देश के 33 नेताओं को पत्र लिख डाला है। पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार पर ऊँगली उठाते हुए कहा है कि सरकार जातिगत जनगणना को लेकर उदासीन और नकारात्मक रवैया अपना रही है। उनका मानना है कि “जाति आधारित जनगणना की मांग को राष्ट्र निर्माण में एक जरूरी कदम के तौर पर देखान ज़रूरी है। जातीय जनगणना ना कराने को लेकर बीजेपी के पास एक भी तर्कसंगत कारण नहीं है।”
दरअसल हाल ही में महाराष्ट्र की एक याचिका में जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने की मांग की गई थी। इस पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने हलफनामे में कहा था कि सरकार ने 2021 की जनगणना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को शामिल किया है। मगर इसके अलावा बाकि किसी भी श्रेणी का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी के बाद से बिहार सरकार, खास कर के तेजस्वी यादव क्रोध में है।
तेजस्वी यादव ने जिन नेताओं को पत्र लिखा है उनमे सोनिया गांधी, शरद पवार, अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, सीताराम येचुरी, डी राजा, नीतीश कुमार, फारूक अब्दुल्ला, प्रकाश सिंह बादल, दीपांकर भट्टाचार्य, उद्धव ठाकरे, के चंद्रशेखर राव, वाईएस जगन मोहन रेड्डी, महबूबा मुफ्ती, हेमंत सोरेन, पीनारायी विजयन, अरविंद केजरीवाल, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, चरणजीत सिंह चन्नी, ओम प्रकाश चौटाला, जीतन राम मांझी, मौलाना बदरुद्दीन आज़मी, जयंत चौधरी, ओ पनीर सेल्वम, ओमप्रकाश राजवीर, चिराग पासवान ,अख्तरुल इमान, मुकेश साहनी आदि के नाम शामिल हैं।














































