बिहार सरकार अनाज भंडारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठा रही है। इस साल के अंत तक, सरकार नए गोदामों के निर्माणकार्य को शुरू करने का निर्णय ले ली है। जिससे राज्य के खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के भंडारण क्षमता में भी वृद्धि हो पाएगी।
आपको बता दें कि बिहार में अब तक 13 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है। जबकि राज्य को 40 लाख मीट्रिक टन भंडारण की आवश्यकता होती है। जानकारी के अनुसार, सरकार ने वर्ष 2021-22 तक राज्य में अनाज भंडारण की क्षमता को 20 लाख मैट्रिक टन करने का लक्ष्य बनाया है। जिसे मद्देनजर रख, सरकार ने पिछले दिनों खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ एक मीटिंग की थी। जहां नए गोदाम बनाने, या फिर किराय पर लेने के मुद्दे पर बात की गई थी। जिसके बाद से सरकार ने अंतिम फैसला किया कि अगले काम से काम 10 वर्षों के लिए राज्य में निजी गोदामों को किराय पर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ महीनो पहले भी इस विषय पर सरकार ने बैठक की थी। जिसमे अनाज के भंडारण को लेकर नए गोदामों के निर्माण कार्य की योजना बनाई गई थी। जिसके तहत विभाग से जानकारी मिली थी कि 50 करोड़ की लागत से नए गोदामों का निर्माण किया जाएगा। मगर अब फैसले में बदलाव कर दिया गया है। अब खाद्यानों की अधिप्राप्ति के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में निजी उद्यमी गारंटी योजना के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्मित निजी गोदामों को जल्द से जल्द किराय पर लिया जाएगा।














































