बिहार में मानसून जाते-जाते भी अपना असर दिखा रहा है। राज्य में मौसम तेज़ी से अपना मिजाज़ बदल रहा है। आमतौर पर मानसून, बिहार में सितम्बर के अंत तक सक्रीय रहता है। फिलहाल मानसून की ट्रफ लाइन बिहार से दूर चली गई है लेकिन बीते दिनों पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बने कम दबाव के कारण बिहार के दक्षिणी क्षेत्र में काफी मात्रा में बारिश हुई थी। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण और पूर्वी बिहार के कई जिलों में बारिश हो सकती है। बता दें की इस मानसून सीजन, राज्य में औसतन सात फीसदी से अधिक बारिश हो चुकी है।
पिछले 24 घंटे के दौरान किशनगंज के ठाकुरगंज, खगड़िया के परबत्तात, मुंगेर के संग्रामपुर, सुपौल के वीरपुर, समस्तीपुर के पूजा और बांका के कटोरिया में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 947.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। पड़ोसी राज्य उत्तंर प्रदेश में अभी मानसून अधिक प्रभाव दिखा रहा है। उत्तयर प्रदेश से सटे बिहार के हिस्सों में भी हल्की बारिश रुक-रुक कर हो सकती है।
मौसम विभाग के दिल्ली केंद्र ने बिहार के कई क्षेत्रों में तूफ़ान और वज्रपात की भी आशंका जताई है। राज्य में 24 सितंबर तक तेज बारिश के आसार नहीं हैं। मानसून की ट्रफ लाइन फिलहाल राजस्थावन, पश्चिमी मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों से होते हुए गुजर रही है। यह क्षेत्र बिहार से काफी दूर है। इसके कारण राज्य में बारिश का सिलसिला धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।














































