हमारा देश सालों से आतंकवाद और नक्सलवाद से ग्रसित रहा है। आतंकवाद को लेकर भारत हमेशा वैश्विक स्तर पर अपनी आवाज़ बुलंद करता रहा है जिस वजह से भारत में आतंकवादी हमलों में कमी आई है। बात रही नक्सलवाद की तो झारखण्ड और छत्तीसगढ़ इससे सबसे ज़्यादा ग्रसित रहे हैं। आए दिन हमारे जवान नक्सलियों से लड़ते वक़्त शहीद हो जाते है। इसी कड़ी में ग्रह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर नकेल कसने के लिए नक्सल प्रभावित राज्यों के सीएम के साथ बैठक की।
बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा की नक्सल प्रभावित आंदोलन में यह अत्यंत आवश्यक है की पुलिस को आधुनिक हथियार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत राज्यों को सहयोग किया जाता है। समय के साथ अब इस में विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस योजना में केन्द्रांश और राज्यांश का अनुपात 60:40 है। इसे 90:10 किया जाना चाहिए।
रविवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित वामपंथी उग्रवाद के परिदृश्य के संबंध की समीक्षा बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने उनकी सरकार द्वारा नक्सलवाद को रोकने के लिए किये जाने वाले कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उल्लेख करते समय उन्होंने कहा की, बिहार में विगत वर्षों में उग्रवाद के मामलों में कमी गई है। नक्सलवाद का समाप्त होना प्रजातंत्र के सुदृढीकरण तथा समेकित विकास हेतु आवश्यक है। इस विषय को लेकर केंद्र और राज्य को हर वर्ष एक समीक्षा बैठक करनी चाहिए।
सीएम ने आगे कहा की औरंगाबाद झारखण्ड के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र पलामू का सीमावर्ती है। इसलिए इसे पुनः अतिउग्रवाद वाले जिलों की श्रेणी में शामिल करने की ज़रूरत है अभी केवल गया, जमुई, लखीसराय ही इस श्रेणी में रखा गया है।














































