Home State शाम ढलते ही पसर जाता है कंकरबाग की सड़को पर अंधेरा।

शाम ढलते ही पसर जाता है कंकरबाग की सड़को पर अंधेरा।

जहाँ एक और पटना को स्मार्ट सिटी बनाने का प्लान चल रहा है ,और सरकार बिजली के लिए बड़े बड़े दावे कर रही है वहीँ बिहार की राजधानी पटना का सबसे बड़ा और रिहायसी इलाका कंकरबाग शाम होते ही अँधेरे में डूब जाता है। जनता की कमाई से लगे सड़को पर स्ट्रीट लाइट ख़राब होने से शाम होते ही कंकरबाग की सड़के और गलियों में अँधेरा पसर जाता है। कंकरबाग सड़को पर लगे अधिकांश स्ट्रीट लाइट ख़राब हैं और अभी तक इसको ठीक करने का काम नहीं किया गया है।

कंकड़बाग के कई मोहल्लों से लेकर प्रमुख सड़कों व कॉलोनी में स्ट्रीट लाईट खराब पड़ी है। ऐसा तब है जबकि नगर निगम की ओर से 25 टीमों के जरिए शहर के सभी 75 वार्ड के स्ट्रीट लाईट दुरुस्त करने के दावे किए जा रहे हैं। कंकड़बाग के पीसी कॉलोनी, डॉक्टर्स कॉलोनी, विद्यापुरी, जलेश्वर मंदिर पथ, कांटी फैक्ट्री रोड, एलआईसी कॉलोनी, हनुमान नगर, मलाही पकड़ी, पाटलिपुत्र स्पोर्टस कांप्लेक्स वाली सड़क के पास लगी सैकड़ों लाईटें मरम्मत के इंतजार में है। इन जगहों पर महीनों से लाईट खराब है, लेकिन अब तक निगम के विद्युत शाखा व ईईएसएल को शिकायत का इंतजार है।

नगर निगम का दावा है कि 25 टीम में से 20 टीम सभी वार्ड पार्षद के बताने पर लाईट दुरुस्त कर रही है जबकि बाकी पांच टीम कॉबेट सेल के साथ लाईट दुरुस्त करने में जुटी है। फिर भी राजधानी में ही चिराग तले अंधेरा कायम है। पटना नगर निगम के कार्यपालक अभियंता (विद्युत) विनोद कुमार बताते हैं कि निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाईट ठीक कराने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं। वे पथ निर्माण के लगाए 1074 स्ट्रीट लाईट को हैंडओवर करने के लिए सोमवार को पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिलेंगे। उधर, नई राजधानी पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि अभी वे हाल में योगदान दिए हैं, फाइल देखकर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। शनिवार तक निगम के कॉबेट सेल के पास स्ट्रीट लाईट दुरुस्त कराने के संबंध में 57 केस पेंडिग थे। वहीं, वार्ड पार्षद के पास भी सैकड़ों केस पेंडिंग हैं।

कंकरबाग कॉलोनी ,लोहियानगर ,पीसी कॉलोनी जलेश्वर मंदिर पथ,LIC कॉलोनी,चित्रगुप्त नगर जैसे मोहल्ले शाम साढ़े सात बजते ही अँधेरे में समां जाता है।
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार ईईएसएल कंपनी को 88 हज़ार स्ट्रीट लाइट सहर की सड़को पर लगाना है जिसमे से 81 हज़ार लाइट कंपनी का दावा है की वो लगा चुके हैं। ईईएसएल कंपनी को ये लाइट लगाने के इलावा अगले सात सालो तक इसका मेन्टेन्स का काम भी करना है।

ईईएसएल कंपनी को अभी महज केवल 2 साल ही हुए हैं लाइट लगाए हुए और आधे से अधिक ख़राब भी हो चुके हैं। ईईएसएल कंपनी इसके रिपेयरिंग के काम में कोतहाई बरत रही है जिसका परिणाम महम सब के सामने हैं। शाम होते ही अँधेरा एक्सीडेंट और किसी भी वारदात की वजह बन सकता है। सरकार को जल्द ही इसपर एक्शन लेकर इस मुद्दे पर अपना धयान केंद्रित करना चाहिए।

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