Home State पराली जलाना पड़ेगा महंगा, सरकारी सुविधाओं से होंगे वंचित

पराली जलाना पड़ेगा महंगा, सरकारी सुविधाओं से होंगे वंचित

बिहार में कंबाईन हार्वेस्टर (Combine Harvester) चलाने के लिये जिले के जिलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही पराली जलाने वाले किसानों को सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जायेगा। और उनके नामों को भी सार्वजानिक किया जाएगा। यानी कृषि कर्यालयों के नोटिस बोर्ड पर उन किसानों के नाम सार्वजनिक किये जायेंगे जो परली जलायेंगे।

ऐसे किसानों का DBT पोर्टल से रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। और पराली जलाएंगे तो दंडात्मक कार्रवाई भी उन पर की जाएगी। 12 नवम्बर को कृषि सचिव डॉ. एन सरवण कुमार ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना, मगध, सारण, मुंगेर, दरभंगा और तिरहुत प्रमंडल में आने वाले DM को कई निर्देश दिये हैं। साथ ही अध्यक्ष ने पराली प्रबंधन के रोहतास मॉडल को विस्तार देने की सलाह भी दी है।

दिए गए निर्देश के अनुसार सभी DM अब फसल कटने से पहले सभी कंबाईन हार्वेस्टर के मालिक-किसान या चालक से फसल अवशेष नहीं जलाने का शपथ-पत्र लेंगे। कृषि सचिव ने बताया कि रोहतास में कृषि विज्ञान केन्द्र के पॉयलट प्रोजेक्ट मॉडल पर फसल अवशेष प्रबंधन किया जाये। सभी जिलों के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कॉम्फेड के साथ मिलकर फसल अवशेष से चारा तैयार कर दुग्ध उत्पादक समितियों को उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे खेतों में फसल अवशेष जलाने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण होगा और साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन को प्रोत्साहन भी मिलेगा।

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